भारतीय रेल भारत सरकार का एक विभागीय उपक्रम (Departmental Undertaking) है, जिसका संचालन मुख्यतः सार्वजनिक धन (Public Funds) से किया जाता है। अतः रेलवे की आय, व्यय, बजट तथा वित्तीय प्रशासन पर संसद का नियंत्रण स्थापित किया गया है ताकि सार्वजनिक धन का उपयोग मितव्ययिता (Economy), कार्यकुशलता (Efficiency), पारदर्शिता (Transparency) एवं उत्तरदायित्व (Accountability) के सिद्धांतों के अनुरूप हो।
संसदीय वित्तीय नियंत्रण का मूल सिद्धांत है—
"संसद की स्वीकृति के बिना न तो कोई कर लगाया जा सकता है और न ही सार्वजनिक निधि से कोई व्यय किया जा सकता है।"
भारतीय रेलवे वित्त संहिता (Indian Railway Finance Code) में रेलवे वित्त पर संसदीय नियंत्रण की व्यवस्था का विस्तृत वर्णन किया गया है।
